Wednesday, 18 November 2015

गीता सत्संग-5

सबको जय श्री कृष्ण...!!!
मातृ भूमि को नमन,अपनी सनातन वैदिक,धर्म की समस्त परम्पराओ को नमन ...!!!

मनुष्य जीवन की बात करे एक दुर्लभ अवसर हैं अपने आप में यह,सच माने तो ईश्वरीय कृपा का अपने आप में एक अनमोल उपहार हैं ,precious gift of the divine grace ,किसी भी दृष्टि से विचार करे अपने जीवन पर की ये बात बहुत स्पष्ट हैं संसार अच्छा हैं ,सुंदर हैं ,आकर्षक हैं ,संसार में बहुत कुछ हैं लेकिन आज हम  सबसे पहले थोड़ा सा मिल कर इस बात पर विचार करे की संसार की सुंदरता,संसार की उपयोगिता ,संसार की ये आकर्षण ,संसार के पदार्थ ,संसार का वैभव,ये महत्व रखता हैं ,मूलयवान हैं तो किस कारण से ?  जीवन के कारण से ही तो..!!!  

इस बात से तो आप में से कोई भी असहमत नही होगा ..!!! पूरी तरह आप इस बात से सहमत होंगे , agree करेंगे ,convence भी होंगे..की जीवन के कारण  इनका महत्व हैं ,इनके कारण  से जीवन का महत्व नही हैं | जीवन इन सब से महत्वपूर्ण हैं और इसीलिए हमारा शास्त्र ये कहता हैं | हा.. ये बात भी हम स्पष्ट करते चले..की शास्त्र जो कहता हैं वो हमारे हित  के लिए कहता हैं ,हमारी बात कहता हैं कही न कही उस बात के पीछे आप अपने जीवन की बात पाएंगे | शास्त्र जब ये कहता हैं की नाही मनुष्यात श्रेष्ठतरं ही किंचित...!!! मनुष्य जीवन से श्रेष्ठ किंचित भी वस्तु कोई नही हैं ..

तो यहाँ विचार करे क्यों कहा शास्त्र ने ये इसीलिए क्युकी मनुष्य जीवन  के कारण से ही  इन सब वस्तुओ  के,  इस वैभव  के  ,इन मकानो की ,प्रकृति की इस सौंदर्य की ,मनुष्य जीवन के कारण से  ही तो महता हैं | जीवन हैं तो इनकी महता हैं और अगर जीवन ही नही तो इनका महत्व कहा ? और कैसा ? ये बात एक बहुत महत्वपूर्ण हैं-नाही मनुष्यात श्रेष्ठतरं ही किंचित...!!! इस बात को गहन विचार करने की आवश्यकता हैं अब बात आती हैं की जब जीवन इतना महत्वपूर्ण ,जीवन में, जीवन से सब कुछ मिल सकता हैं ,मिलता हैं ,पाया जा सकता हैं लेकिन यह बात भी हम सबको मिल कर विचार करनी हैं 


आज जो हम आपसे कह रहे  हैं ये केवल कोई उपदेश की बात नही हैं ,केवल कोई अतीत की बात नही ,केवल किसी युग की कथा नही,यद्यपि यह भी स्पष्ट करले किसी के मन में कोई शंका न रहे की हमारे शास्त्रो में वर्णित कथाये हैं वो भी कही न कही जीवन की उपयोगियता से जुड़ी हुई हैं लेकिन फिर भी हम जीवन की सीधी बात जीवन के साथ करते हैं ,जीवन की सीधी बात आपसे शेयर कर रहे हैं  और वो बात ये हैं की जीवन में, जीवन से सब कुछ पाया जा सकता हैं लेकिन हमे विश्वास  हैं आप इस पर बहुत गंभीर चिंतन करेंगे की सब कुछ देकर भी ये जीवन नही पाया जा सकता ,जीवन तो क्या.. जीवन का एक स्वांस भी ,पुरे संसार की सम्पदा दाव पर लगाने से नही मिल सकता इसीलिए भी आप विचार करे और इस बात को विचारपूर्वक स्वीकार करे की जीवन बहुत महत्वपूर्ण हैं ...बहुत महत्वपूर्ण ..
गीता सत्संग वीडियो-5 (विडियो लिंक) 

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