जय श्री कृष्ण,जय श्री राधे ..!!!
अच्छा ये बताओ क्या आप नही चाहोगे ऐसा जीवन ? एक मिनट के लिए सब विचार करे क्या आप ऐसा जीवन नही चाहेंगे के जहा उत्साह हो ,जहा आशावादी भाव हो ,जहा एक विश्वास हो,जहा सहज स्वाभाविक आनंद हो,जहा जीवन के मजबूती हो | क्या नही चाहोगे ऐसा ? विचारे, आप सहमत होंगे,हो रहे होंगे के सच में जीवन तो हम ऐसा ही चाहते हैं | आओ, जीवन की बात जो चल रही हैं, अच्छे जीवन के लिए उसे आप समझे और उसके हर बात के साथ अपने मन के भाव मिलाते हुए इसे जीवन में स्वीकार करते चले जाये | भजन के ,ध्यान के महत्व को समझे स्वीकारे समय अपने आप निकलेगा | जहा से बात start की गयी ,प्रारम्भ की गयी एक बार फिर ध्यान दे ले समय नही मिलता,मन नही लगता इन दोनों problems का सीधा सा solution,समाधान importance समझो |निश्चित करो, के ये मेरे अच्छे जीवन के लिए ,आनंदमय जीवन के लिए ,उत्साह पूर्ण जीवन के लिए ,एक मात्र विकल्प ,एक मात्र आधार ध्यान हैं ,भजन हैं ,उसको साथ रखे ,मन में इसे स्वीकार करे समय भी निकलेगा और जो मन के लगने के जो प्रक्रिया हैं, जो process हैं ,मन को जो concentrate करने का वो भी अपने आप शुरू हो जायेगा | आगे मन कैसे लगेगा उस पर फिर और चर्चा कर लेंगे लकिन आज इस बात को स्वीकारे और इस पर विचार करते रहे और इसे जीवन में स्वीकार करते रहे | ओम ओम ओम..!!सबके लिए शुभ कामनाओ के साथ जय श्री कृष्ण,जय श्री राधे
गीता सत्संग वीडियो-10-(वीडियो-लिंक)

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